मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर एक महिला से 36 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही धनराशि लौटाई गई। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपित ने जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि शिकायत दिए करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।
पीड़िता अर्चना सिंह, पत्नी संतोष कुमार सिंह, निवासी रायल विला कॉलोनी, नगर पुरसैनी, कोतवाली मोहनलालगंज ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि संतोष कुमार सिंह, निवासी वृंदावन योजना, लखनऊ ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मोहनलालगंज क्षेत्र में निशा ढाबा के पीछे और कौशल रिसॉर्ट के सामने स्थित गाटा संख्या 255 की लगभग 1800 वर्गफुट भूमि को अपनी बताकर बेचने का सौदा किया।
शिकायत के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को पांच लाख रुपये बतौर बयाना दिए गए। इसके बाद 27 लाख रुपये बैंक के माध्यम से तथा चार लाख रुपये नकद देकर कुल 36 लाख रुपये आरोपित को सौंपे गए। आरोप है कि पूरी राशि मिलने के बाद भी रजिस्ट्री लगातार टाली जाती रही।
पीड़िता का कहना है कि बाद में आरोपित ने 32 लाख रुपये का एक चेक दिया, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर वह अनादृत (बाउंस) हो गया। इसके बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई।
महिला का आरोप है कि वह अप्रैल माह से लगातार मोहनलालगंज कोतवाली के चक्कर लगा रही है और कई बार लिखित शिकायत भी दे चुकी है, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इस कारण परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
इस संबंध में एसीपी मोहनलालगंज राजेश सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
वहीं भारतीय किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने कहा कि यदि पीड़िता की शिकायत पर शीघ्र एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन न्याय की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करेगा।
पीड़िता ने पुलिस को बयाना रसीद, बैंक लेनदेन से संबंधित दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, चेक बाउंस की प्रति तथा अन्य अभिलेख सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस शिकायत पर कब तक एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करती है।
