मोहनलालगंज, लखनऊ। गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के संवर्धन के उद्देश्य से निकाली जा रही गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा गुरुवार को मोहनलालगंज पहुंची। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ के आगमन पर क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। रानीखेड़ा स्थित एसडीवी एकेडमी परिसर में आयोजित स्वागत एवं धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
शंकराचार्य के स्वागत के लिए आयोजकों ने विशेष तैयारियां की थीं। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और पुष्पवर्षा के बीच उनका अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और गौ संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में गौ माता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने समाज से गौ सेवा और संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
उन्होंने केंद्र सरकार से प्रभावी गौ संरक्षण कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गौशालाओं को पर्याप्त संसाधन और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने गौवंश की सुरक्षा के लिए समाज और सरकार दोनों की साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश के सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं की रक्षा के लिए समाज को सजग रहना होगा तथा भविष्य के निर्णय राष्ट्रहित और सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखकर लेने चाहिए।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिलाओं और युवाओं ने भी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर गौ संरक्षण के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
आयोजन के प्रमुख संयोजक एवं एसडीवी एकेडमी के प्रबंधक लवकुश यादव ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज में गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि यात्रा अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत अगले पड़ाव के लिए उन्नाव जनपद की ओर प्रस्थान करेगी।
धर्मसभा के समापन पर श्रद्धालुओं ने गौ संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह का वातावरण बना रहा।
