मोहनलालगंज, लखनऊ। खुजौली गांव में विवाहिता गुड़िया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत पांच ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतका के परिजनों ने स्थानीय चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए अभद्र व्यवहार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
मृतका की मां दुर्गा देवी, निवासी गनेशखेड़ा (मऊ), ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि करीब 12 वर्ष पहले उनकी बेटी गुड़िया का विवाह खुजौली निवासी अनिल के साथ हुआ था। उनका आरोप है कि शादी के बाद से पति, जेठ, सास, ननद और अन्य परिजन उसे लगातार मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। कई बार मारपीट के बाद उसे मायके भेज दिया गया, लेकिन पारिवारिक स्तर पर हुए समझौते भी हालात नहीं बदल सके।
परिजनों के मुताबिक घटना वाले दिन सुबह गुड़िया ने अपनी बहन को फोन कर खुद को बचाने की गुहार लगाई थी। कुछ देर बाद संपर्क टूट गया। जब परिवार के लोग उसके ससुराल पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिली। मृतका के परिजन इसे हत्या बताते हुए आरोप लगा रहे हैं कि घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद खुजौली चौकी पर शिकायत करने पहुंचे तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया। उनका कहना है कि मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद ही नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एसीपी ने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों में तथ्य सामने आते हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
