निगोहां, लखनऊ। मानसून की पहली तेज बारिश ने निगोहां विद्युत उपकेंद्र की तैयारियों की परीक्षा ले ली। शुक्रवार को तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण एक के बाद एक कई विद्युत फीडरों में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे निगोहां कस्बे समेत आसपास के दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को घंटों बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार सुबह लगभग सात बजे अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य के बाद करीब चार घंटे बाद आपूर्ति बहाल की, लेकिन शाम करीब चार बजे तेज हवाओं और बारिश के कारण दोबारा कई फीडरों में फॉल्ट आ गया। इसके चलते कई इलाकों में देर रात तक बिजली नहीं पहुंच सकी।
लंबे समय तक बिजली गुल रहने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए। उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बिजली बाधित होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित रही, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की मोटर नहीं चल सकी। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठानों, छोटे उद्योगों और सरकारी कार्यालयों का काम भी प्रभावित हुआ। इंटरनेट आधारित सेवाओं और ऑनलाइन लेनदेन में भी दिक्कतें सामने आईं।
हाईवे स्थित टोल प्लाजा से मदा खेड़ा तिराहे तक लगी स्ट्रीट लाइटें भी पूरी रात बंद रहीं, जिससे रात के समय आवागमन करने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई।
शनिवार को भी कई स्थानों पर बिजली की आवाजाही बनी रही। कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं बिजली लाइनों पर पेड़ों की शाखाएं गिरने से आपूर्ति प्रभावित होती रही। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।
अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि तेज हवा और बारिश के कारण कई फीडरों में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभाग की टीम ने लगातार पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य कर अधिकांश क्षेत्रों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी कुछ स्थानों पर पेड़ों की कटाई और लाइन दुरुस्ती का कार्य चलने के कारण सीमित समय के लिए बिजली प्रभावित रही। विभाग की टीमें लगातार व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में जुटी हुई हैं।
