मोहनलालगंज, लखनऊ। विकास खंड कार्यालय मोहनलालगंज में अधिकारियों के तबादले के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। ब्लॉक परिसर में स्थित सामुदायिक शौचालय पिछले करीब छह महीने से अव्यवस्थित हालत में है, जिससे प्रतिदिन कार्यालय आने वाले फरियादियों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शौचालय में नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। वहीं लंबे समय से साफ-सफाई न होने की वजह से परिसर में गंदगी और दुर्गंध फैली रहती है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
आगंतुकों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच विकास खंड अधिकारी बदल गए, फिर भी शौचालय की स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि कार्यालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के बावजूद मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस संबंध में विकास खंड अधिकारी शिव कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसलिए उनका आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो पाया।
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को बढ़ावा देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन यदि सरकारी कार्यालयों में ही बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति बनी रहे तो इससे आम जनता में गलत संदेश जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ब्लॉक परिसर के सामुदायिक शौचालय की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, नियमित पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा उसके रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
