मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत भदेसुवा के मजरा मंसबखेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर छत रविवार देर रात तेज बारिश के दौरान अचानक ढह गई। हादसा रात करीब दो बजे हुआ। राहत की बात यह रही कि घटना के समय केंद्र में कोई मौजूद नहीं था। यदि यह हादसा दिन के समय होता, जब यहां बच्चों की गतिविधियां संचालित होती हैं, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र का भवन करीब चार दशक पुराना है और लंबे समय से जर्जर हालत में था। छत और दीवारों में दरारें आने के बावजूद भवन में बच्चों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही थीं। रविवार रात हुई लगातार बारिश के दौरान भवन की छत भरभराकर गिर गई और पूरा कमरा मलबे में तब्दील हो गया।

हादसे में केंद्र के अंदर रखा फर्नीचर, बच्चों के अध्ययन एवं खेल सामग्री, पोषण कार्यक्रम से जुड़ा सामान, अभिलेख और अन्य उपकरण मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षति का अनुमान करीब दो लाख रुपये लगाया जा रहा है। सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्राम प्रधान मोनू यादव ने आरोप लगाया कि जर्जर भवन की स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया था। उन्होंने बताया कि नए भवन के निर्माण अथवा पुराने भवन की मरम्मत की मांग भी की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते ध्यान दिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में कई सरकारी भवन जर्जर अवस्था में हैं, जिनकी समय रहते जांच और मरम्मत की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इस घटना ने सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राम प्रधान के अनुसार घटना की सूचना तत्काल खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को दे दी गई थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा था। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त सामान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने, नए आंगनबाड़ी भवन का शीघ्र निर्माण कराने तथा जब तक नया भवन तैयार न हो जाए, तब तक बच्चों की कक्षाएं किसी सुरक्षित स्थान पर संचालित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
