मोहनलालगंज, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की नई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में बुधवार को मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील के विभिन्न कार्यालयों पर प्रतीकात्मक रूप से ताले लगाए और पूरे दिन न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। हड़ताल के चलते तहसील का कामकाज प्रभावित रहा और अपने कार्यों से पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हाल ही में जारी शासनादेश के तहत मोहनलालगंज क्षेत्र की संपत्तियों की रजिस्ट्री अब स्थानीय उप-निबंधक कार्यालय के साथ-साथ लखनऊ सदर के उप-निबंधक कार्यालयों में भी कराई जा सकेगी। इसी व्यवस्था का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने इसे स्थानीय व्यवस्था और अधिवक्ता हितों के खिलाफ बताया।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशलेन्द्र शुक्ला ने कहा कि शासन का यह निर्णय बिना स्थानीय बार एसोसिएशन से विचार-विमर्श किए लागू किया गया है। उनके अनुसार वर्षों से मोहनलालगंज में व्यवस्थित रूप से रजिस्ट्री का कार्य संचालित हो रहा है और नई व्यवस्था से स्थानीय अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
बार एसोसिएशन के महामंत्री रामलखन यादव ने कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के हितों से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि नई व्यवस्था से स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की ओर से उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर अधिसूचना निरस्त करने की मांग की जाएगी। मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और व्यापक आंदोलन पर विचार किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि रजिस्ट्री का कार्य दूसरे कार्यालयों में स्थानांतरित होता है तो स्थानीय स्तर पर वर्षों से विकसित व्यवस्था प्रभावित होगी। वहीं शासन का पक्ष है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को अधिक विकल्प उपलब्ध कराना, भीड़ कम करना और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी बनाना है।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व महामंत्री देवेश सिंह, विनय कुमार मिश्रा, वैभव द्विवेदी, अंकित यादव, नितिन तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में अधिसूचना वापस लेने की मांग दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
