लखनऊ। राजधानी के लक्ष्मण टीला स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार, 24 अगस्त को बिठूर से लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक किए जाने की घोषणा की गई है। अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा ने कहा है कि पुलिस-प्रशासन की ओर से रोक लगाए जाने के बावजूद संगठन अपने कार्यक्रम को लेकर पीछे नहीं हटेगा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को कानपुर के बिठूर पहुंचे और वहां से गंगाजल लेकर देर शाम लखनऊ लौटे। संगठन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, जलाभिषेक को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
24 अगस्त को जुटेंगे कार्यकर्ता
संगठन के अनुसार, 24 अगस्त की सुबह 11 बजे उसके पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुख्यालय पर एकत्र होंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के लक्ष्मण टीला स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर की ओर जाने की बात कही गई है।
संगठन का कहना है कि प्रशासन की ओर से कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने के बाद कार्यकर्ताओं को मुख्यालय पर सांकेतिक जलाभिषेक कार्यक्रम के लिए जुटने को कहा गया है। हालांकि, संगठन के कुछ प्रमुख नेताओं द्वारा मंदिर में जलाभिषेक किए जाने की इच्छा जताई गई है।
धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला बताया
ऋषि त्रिवेदी ने कहा कि लक्ष्मण टीला का मुद्दा संगठन के लिए धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों और प्रशासनिक स्तर पर लक्ष्मण टीला के ऐतिहासिक अस्तित्व की अनदेखी की गई।
उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में विकास के नाम पर लक्ष्मण टीला के स्वरूप को नुकसान पहुंचाया गया। त्रिवेदी ने कहा कि उनका संगठन लक्ष्मण टीला और वहां स्थित टीलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-पाठ से जुड़े अधिकारों के लिए आगे भी संघर्ष करता रहेगा।
पदाधिकारी बिठूर से लेकर आए गंगाजल
बिठूर से गंगाजल लाने वालों में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी के साथ प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रमौलि शुक्ल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गौरव गोस्वामी, प्रवक्ता बाबा महादेव, प्रकाश श्रीवास्तव और अनीता तिवारी समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
प्रशासन की ओर से रोक के बीच प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है। संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यालय पहुंचने की अपील की है।
