लखनऊ। पारा क्षेत्र से पकड़ी गई भैंसों की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में सोमवार को लालबाग स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने भैंसों को वापस करने और प्रस्तावित नीलामी रोकने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा भी समर्थकों के साथ पहुंचे। प्रदर्शन बढ़ने पर पुलिस ने अनीस राजा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस से हुई तीखी बहस
नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह समेत पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन माहौल गर्म बना रहा।
इसी दौरान अनीस राजा की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट : प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पारा क्षेत्र से पकड़ी गई भैंसें कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन हैं। उनका आरोप है कि भैंसों की नीलामी होने से पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
अनीस राजा ने कहा कि पशुपालक परिवारों के लिए भैंसें केवल पशु नहीं, बल्कि उनकी रोजी-रोटी का जरिया हैं। उन्होंने प्रशासन से भैंसों को उनके मालिकों को वापस करने और नीलामी की प्रक्रिया रोकने की मांग की।
कई संगठनों ने भी उठाई आवाज
भैंसों की प्रस्तावित नीलामी के खिलाफ अन्य संगठनों की ओर से भी विरोध जताया गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में मानवीय आधार पर निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद नगर निगम कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई।
फिलहाल भैंसों की नीलामी का मुद्दा राजधानी में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शन और हिरासत की घटना के बाद अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।
