मोहनलालगंज। विकासखंड मोहनलालगंज के कुबहरा गांव स्थित सामुदायिक मिलन केंद्र पर कच्चे मार्ग को पक्का कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का धरना शनिवार को 11वें दिन भी जारी रहा। किसानों का कहना है कि वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण कुबहरा से कमलापुर-बिचिलखा माइनर तक सड़क निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
किसानों ने बताया कि बारिश, उमस और रात में मच्छरों की परेशानी के बावजूद वे लगातार धरनास्थल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
लोकजनशक्ति ने दिया आंदोलन को समर्थन
शनिवार को लोकजनशक्ति के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार उर्फ रिंकू अपने समर्थकों के साथ धरनास्थल पहुंचे और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने किसानों के साथ मंच साझा करते हुए सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने धर्मेंद्र कुमार के साथ पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने आगामी एक सितंबर को प्रस्तावित वन विभाग कार्यालय के घेराव में भी सहयोग करने की अपील की।
ब्लॉक अध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि किसानों की सड़क से जुड़ी मांग जायज है और संगठन आंदोलन में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।
किसान संगठनों के एकजुट होने का दावा
प्रदेश महासचिव दिनेश यादव ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न किसान संगठन एकजुट होकर आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि संगठनों के अलग-अलग होने का मतलब यह नहीं है कि किसानों के मुद्दे पर उनकी एकता कमजोर है। लोकजनशक्ति के जिला अध्यक्ष द्वारा धरने को समर्थन दिए जाने को उन्होंने इसी एकजुटता का उदाहरण बताया।
इस दौरान धरनास्थल पर किसानों ने “हम सब एक हैं” के नारे भी लगाए।
एक सितंबर को घेराव का ऐलान
किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि वन विभाग की ओर से जल्द एनओसी जारी कर सड़क निर्माण का रास्ता साफ नहीं किया गया तो एक सितंबर को वन विभाग कार्यालय, मोहनलालगंज का घेराव किया जाएगा।
धरने में प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, केशव राम लोधी, धरना प्रबंधक रामकुमार, प्रधान पति, जिला कोषाध्यक्ष राम प्रसाद फौजी, युवा ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।
