मोहनलालगंज। विकास खंड कार्यालय में सोमवार को ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष अंकुर शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधान परिषद सदस्य लखनऊ खंड स्नातक इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। रोजगार सेवकों ने लंबे समय से सेवा देने के बावजूद कम मानदेय मिलने पर नाराजगी जताते हुए न्यूनतम ₹24 हजार प्रतिमाह मानदेय, नियमितीकरण और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग की।
रोजगार सेवकों ने बताया कि वे करीब दो दशक से मनरेगा और वर्तमान में संचालित ग्रामीण रोजगार एवं विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। गांवों में सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने और विकास कार्यों की निगरानी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
20 साल बाद भी ₹7,788 मानदेय
रोजगार सेवकों का कहना है कि करीब 20 वर्षों से काम करने के बावजूद उन्हें वर्तमान में सिर्फ ₹7,788 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में इतनी कम राशि में परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल है। इसके अलावा मानदेय के भुगतान में देरी होने से उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
ज्ञापन में रोजगार सेवकों ने आर्थिक तंगी के कारण कई साथियों के असमय निधन का भी उल्लेख करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं लागू करने की मांग
रोजगार सेवकों ने ज्ञापन के माध्यम से 4 अक्टूबर 2021 को डिफेंस एक्सपो में मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को लागू कराने की मांग की। इसके अलावा सभी ग्राम रोजगार सेवकों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे रोजगार सेवकों को उनके अनुभव के आधार पर नियमित किया जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
नियमितीकरण तक 24 हजार मानदेय की मांग
रोजगार सेवकों ने कहा कि जब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक न्यूनतम ₹24 हजार प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया जाए। साथ ही मानदेय के लिए अलग बजट की व्यवस्था कर हर महीने समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
संघ अध्यक्ष अंकुर शुक्ला ने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक वर्षों से ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीन पर लागू कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। सरकार को उनकी समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
रोजगार सेवकों ने उम्मीद जताई कि उनके ज्ञापन को शासन तक पहुंचाकर मांगों के समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी।
