मोहनलालगंज। मोहनलालगंज पुलिस ने विवाहिता की मौत के मामले में दहेज हत्या के आरोप में उसके पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मृतका के मायके पक्ष की ओर से दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। हालांकि, ससुराल पक्ष का कहना है कि विवाहिता की मौत दहेज उत्पीड़न के कारण नहीं, बल्कि फर्राटा पंखे में करंट उतरने से हुई थी। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के चलते मामले में मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुलिस के मुताबिक 28 अगस्त को राम गुलाम पुत्र राम अवतार की तहरीर पर बीएनएस की संबंधित धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर में उनकी पुत्री को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया था।
मामले की जांच के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया। पुलिस के अनुसार तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ सूचना तंत्र की मदद से सोमवार को राजाखेड़ा निवासी प्रमोद कुमार उर्फ लवकुश राजपूत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जबकि मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मौत की वजह पर आमने-सामने दावे
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु विवाहिता की मौत का वास्तविक कारण है। मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष की ओर से करंट लगने से मौत होने की बात कही जा रही है।
ऐसे में मौत की परिस्थितियों और आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पुलिस की विवेचना के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
छह माह के बच्चे की जिम्मेदारी का सवाल
विवाहिता की मौत और पति की गिरफ्तारी के बाद परिवार के सामने छह माह के मासूम बच्चे की देखभाल का सवाल भी खड़ा हो गया है। मां की मृत्यु के बाद पिता के जेल जाने की स्थिति में बच्चे की परवरिश और देखरेख कौन करेगा, यह परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।
