निगोहां, लखनऊ। थाना क्षेत्र के हरिकुंवार खेड़ा गांव में शनिवार को एक मजदूर का जर्जर कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय परिवार के लोग घर के बाहर सहन में बैठे थे, जिसके चलते सभी सुरक्षित बच गए। हालांकि, मकान ढहने से घर में रखा घरेलू सामान मलबे में दब गया और परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया।
पीड़ित मजदूर हरिकेश के मुताबिक, उसका मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। शनिवार को अचानक मकान भरभराकर धराशायी हो गया। उस वक्त वह परिवार के साथ घर के बाहर बैठा था। हादसे के बाद जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो गृहस्थी का अधिकांश सामान मलबे के नीचे दब चुका था।

हरिकेश ने बताया कि मकान में रखे बर्तन, कपड़े, अनाज, चारपाई और अन्य जरूरी सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार के पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है और उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पीड़ित का आरोप है कि उसने आवास की मदद के लिए कई बार ग्राम प्रधान और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उसे अब तक सरकारी आवास का लाभ नहीं मिल सका। हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस मदद नहीं हुई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपने स्तर से पक्का मकान बनवाने में भी सक्षम नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार हरिकेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल आवासीय सहायता और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार को इस मुश्किल परिस्थिति से राहत मिल सके।
