मोहनलालगंज, लखनऊ। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कुबहरा सामुदायिक मिलन केंद्र पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और ग्रामीण दिनभर अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन उपजिलाधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई।
किसानों का कहना है कि उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज पिछले तीन दिनों से धरना स्थल पर पहुंचकर समस्या के समाधान का भरोसा दे रहे थे, लेकिन सोमवार को भी उनके नहीं आने से किसानों का आक्रोश बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
नापी में 390 मीटर लंबा मिला मार्ग
धरने के दौरान जिला पंचायत की अवर अभियंता मधु मौके पर पहुंचीं। किसानों की मौजूदगी में प्रस्तावित कच्चे मार्ग की नापी कराई गई, जिसमें सड़क की लंबाई करीब 390 मीटर पाई गई।
अवर अभियंता के अनुसार विभागीय अभिलेखों में इस मार्ग का वर्ष 2018 में ही डामरीकरण कराया जाना दर्ज है और इसके भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। वहीं मौके पर सड़क का डामरीकरण नजर नहीं आने की स्थिति में उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। इसके बाद किसानों ने अभिलेखों में दर्ज निर्माण और मौके की स्थिति की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
डीएम कार्यालय पहुंचे किसानों के प्रतिनिधि
सड़क निर्माण के मुद्दे को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कमलापुर-विचिलखा माइनर से कुबहरा तक अधूरे पड़े मार्ग का निर्माण पूरा कराने की मांग अधिकारियों के सामने रखी। किसानों ने बताया कि खराब मार्ग के कारण ग्रामीणों और किसानों को लंबे समय से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों के मुताबिक अधिकारियों के साथ करीब एक घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
किसानों ने कहा कि यदि सड़क निर्माण को लेकर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 9 सितंबर को बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों ने सवाल उठाया कि यदि सरकारी अभिलेखों में वर्ष 2018 में सड़क के डामरीकरण और भुगतान का उल्लेख है तो मौके पर सड़क की स्थिति ऐसी क्यों है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बारिश के मौसम में मार्ग की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। किसानों ने यह भी कहा कि 9 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। इस दौरान पानी और भोजन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा किए जाने की मांग भी रखी गई।
धरने में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रताप बहादुर, प्रदेश महासचिव दिनेश यादव, लखनऊ मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार, जिला महामंत्री राम सिंह, जिला कोषाध्यक्ष राम प्रसाद फौजी समेत सुरेंद्र कुमार, साहबदीन फौजी, रामकुमार, योगेंद्र कुमार, केशवराम लोधी, प्रधान पति अखिलेश यादव, अमृतलाल, प्रेमचंद सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
