निगोहां, लखनऊ। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरे का प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी विषय पर लोगों और विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से बाबू सुंदर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, निगोहां में मंगलवार को दो दिवसीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का आयोजन गेल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से “विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण” विषय पर किया जा रहा है।

कलाम सभागार में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। इसके बाद वंदे मातरम् की प्रस्तुति के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। संगोष्ठी में संस्थान के शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
संस्थान के महानिदेशक प्रो. डॉ. के.के. सिंह ने कहा कि तकनीक के विस्तार के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, लेकिन खराब या अनुपयोगी उपकरणों से निकलने वाला कचरा पर्यावरण के लिए चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट का उचित प्रबंधन नहीं होने पर मिट्टी, जल और वायु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में इसके सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
संगोष्ठी के संयोजक प्रो. डॉ. आलोक कुमार शुक्ला ने कहा कि ई-वेस्ट को सामान्य कूड़े के साथ फेंकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अलग एकत्र कर उसका उचित निस्तारण कराया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

संस्थान के चेयरमैन इंजी. आनंद शेखर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि केवल सरकारी संस्थाओं के प्रयासों से पर्यावरण को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
संगोष्ठी के दौरान गेल इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों और अन्य वक्ताओं ने ई-वेस्ट के संभावित पर्यावरणीय प्रभाव, सुरक्षित निस्तारण, पुनर्चक्रण तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद उपयोगी संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की। वक्ताओं ने बताया कि ई-वेस्ट का व्यवस्थित प्रबंधन प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ उपयोगी संसाधनों को पुनः प्राप्त करने में भी मददगार हो सकता है।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रो. डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में ई-वेस्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी तथा विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरूक किया जाएगा।
