लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी ने अपने संगठन को प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय करने की तैयारी की है। बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने को कहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों के नाम पर आम लोगों से चंदा नहीं लिया जाना चाहिए।
मायावती के मुताबिक जरूरत पड़ने पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ईशान आनंद को प्रभावित इलाकों में भेजा जा सकता है, ताकि वह मौके पर पहुंचकर स्थानीय स्थिति और लोगों की समस्याओं की जानकारी ले सकें। ईशान आनंद को हाल ही में बसपा का राष्ट्रीय संयोजक घोषित किया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय होंगे पार्टी पदाधिकारी
बसपा प्रमुख ने पार्टी संगठन के पदाधिकारियों से कहा है कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों तक यथासंभव सहायता पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए। उन्होंने राहत कार्यों में जरूरतमंद परिवारों की मदद को प्राथमिकता देने की बात कही। मायावती ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों से भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने की अपील की है। उनके बयान के मुताबिक महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों समेत प्रभावित लोगों को भी तत्काल सहायता दिए जाने की जरूरत है।
यूपी और उत्तराखंड पर विशेष नजर
पार्टी संगठन के सेक्टरवार ढांचे की जानकारी देते हुए मायावती ने बताया कि अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को दी गई है। तीसरे सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी निगरानी लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से की जा रही है। मायावती ने केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम को लेकर यूपी में प्रशासन भी अलर्ट
इस बीच उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और बाढ़ की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बसपा की ओर से भी संगठनात्मक स्तर पर राहत गतिविधियों को बढ़ाने की बात कही गई है।
चंदा जुटाने से किया इनकार
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को राहत कार्यों के लिए आम लोगों से चंदा एकत्र करने से रोकने की बात कही है। उनका कहना है कि आपदा की स्थिति में सहायता कार्य व्यवस्थित तरीके से किए जाने चाहिए और किसी भी प्रकार के अनुचित लाभ की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईशान आनंद का प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कब और किन इलाकों में होता है। फिलहाल पार्टी स्तर पर उन्हें जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजे जाने की संभावना जताई गई है।
