मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के बिदौवा स्थित दबंग मसाला फैक्ट्री के बाहर गुरुवार को बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने फैक्ट्री प्रबंधन पर मजदूरी, काम से हटाए जाने और कार्यस्थल पर सुविधाओं से जुड़ी कई शिकायतें उठाईं।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि दिनभर काम करने के बावजूद उन्हें महज 180 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है। महिलाओं के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को बिना स्पष्ट कारण बताए अचानक काम से हटा दिया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने इस मामले की जांच कराए जाने की मांग की।

शौचालय जाने के समय का भी हिसाब रखने का आरोप
महिला कर्मचारियों ने फैक्ट्री में शौचालय की व्यवस्था और उसके इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शौचालय जाने के लिए भी समय निर्धारित किया जाता है और कर्मचारी कितनी देर वहां रहीं, इसका मिनट तक हिसाब रखा जाता है। महिलाओं ने कार्यस्थल पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
नाबालिग बच्चियों से काम कराने का भी आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ महिलाओं ने फैक्ट्री में नाबालिग बच्चियों से काम कराए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की जनसुनवाई-समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली में भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत का संदर्भ संख्या 40015726149970 बताई गई है। शिकायत में नीतू, ज्योति, पायल, रेशमा, प्रीती, मनीषा, सरोज, रेखा, सन्नी, राधा, खुशी, कामनी और बबली समेत अन्य महिला कर्मचारियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को कई स्तरों पर अधिकारियों और संबंधित लोगों के सामने रखने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्हें फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने मजदूरी, कर्मचारियों को हटाए जाने और कार्यस्थल की सुविधाओं से संबंधित शिकायतों की जांच की मांग की है।
वहीं, महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रबंधन ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। ऐसे में आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
महिला कर्मचारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायतों का समाधान कराने की मांग की है।
