लखनऊ। यूपीआई लेनदेन पर 15 अक्टूबर से लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को स्थगित किए जाने के फैसले का अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने स्वागत किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे व्यापारियों के हित में उठाया गया कदम बताते हुए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर व्यापार मंडल कार्यालय में पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि संगठन शुरुआत से ही केंद्र सरकार से यूपीआई पर प्रस्तावित MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहा था। इस संबंध में देशभर में सांसदों को ज्ञापन सौंपे गए। उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में भी संगठन के जिला पदाधिकारियों ने सांसदों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई।

संदीप बंसल के अनुसार, लखनऊ में रक्षा मंत्री एवं सांसद राजनाथ सिंह और प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना को भी ज्ञापन देकर प्रस्तावित व्यवस्था स्थगित करने की मांग की गई थी।

MDR को स्थायी रूप से स्थगित रखने की मांग

संगठन अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद 15 अक्टूबर से यूपीआई पर लागू होने वाले MDR को स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस व्यवस्था को आगे भी स्थगित रखा जाए, ताकि व्यापारियों को राहत मिलती रहे।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यूपीआई के माध्यम से भुगतान आज कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में इससे जुड़ी किसी भी नई व्यवस्था का व्यापारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है।

व्यापार मंडल कार्यालय में मनाई गई खुशी

इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी, प्रदेश संगठन मंत्री जावेद बेग, महिला प्रदेश महामंत्री एकता अग्रवाल, महानगर महामंत्री अनुज गौतम, युवा महामंत्री शुभम मौर्य, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरनाथ चौधरी, अनूप गुप्ता और कोषाध्यक्ष मुकेश नाग सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के फैसले पर खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि भविष्य में भी व्यापारियों से जुड़े आर्थिक और नीतिगत मामलों में उनके हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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