मोहनलालगंज। क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुशमौरा में बदहाल सड़कों की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। जर्जर खड़ंजा मार्गों के निर्माण और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार, 14 अक्टूबर से मिनी सचिवालय स्थित पंचायत कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ और ‘मतदान का पूर्ण बहिष्कार’ जैसे नारे लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल हैं। खड़ंजा उखड़ने और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि समस्या को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लिखित चेतावनी के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे: ग्रामीण
धरना दे रहे ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर चेतावनी दी थी कि यदि सड़कों के निर्माण और डामरीकरण की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो 14 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि तय तारीख तक उनकी समस्याएं सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने पंचायत कार्यालय में धरना शुरू कर दिया।
दो प्रमुख मार्गों के निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने मुख्य रूप से दो मार्गों की स्थिति सुधारने की मांग उठाई है। पहली मांग सिसेंडी-बेनीगंज मार्ग से बाबा दोहला पुल तक जाने वाले खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराकर डामरीकरण कराने की है। दूसरी मांग परसपुर ठट्ठा से कुशमौरा तक अधूरे पड़े खड़ंजा मार्ग को पूरा कराने और उसका डामरीकरण कराने की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों मार्गों की हालत सुधरने से स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। उनका आरोप है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि संबंधित विभाग मार्गों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए ठोस कदम उठाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर धरना जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देते हुए आगामी मतदान के बहिष्कार की चेतावनी भी दी।
धरने में सैकड़ों ग्रामीण शामिल
मिनी सचिवालय स्थित पंचायत कार्यालय में शुरू हुए धरने में प्रवेश कुमार शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, वीरेंद्र अवस्थी, डॉ. सुशील अवस्थी, राजकुमार, श्रीराम, मनोज कश्यप, अवधेश अवस्थी, चंद्र किशोर द्विवेदी, आलोक पाल, गोलू धानुक, दीपक साहू, राम शंकर प्रजापति, उमा देवी पाल, उषा देवी पाल, बिट्टी देवी, मीना कुमारी और राम सुमेर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का ऐलान किया है। अब संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
