मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के सुल्सामऊ गांव में पशुचर के नाम दर्ज सरकारी भूमि से कथित अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि गाटा संख्या 797 की जमीन से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए मिट्टी निकाली जा रही थी। निकाली गई मिट्टी को हिलगी गांव में निर्माणाधीन रामलीला मैदान सहित निजी स्थानों पर पहुंचाए जाने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खनन कार्य रुकवा दिया।

जानकारी के मुताबिक, सुल्सामऊ गांव की गाटा संख्या 797 राजस्व अभिलेखों में पशुचर भूमि के रूप में दर्ज है। इसी भूमि से मिट्टी निकाले जाने की सूचना पर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि राजस्व टीम को आते देख ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक वाहन लेकर वहां से चला गया।
सरकारी भूमि से मिट्टी उठाने पर सवाल
पशुचर भूमि से मिट्टी निकाले जाने के आरोप के बाद सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और मामले की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मिट्टी खनन कराने वाले व्यक्ति की पहचान और इस कार्य के लिए किसी प्रकार की अनुमति लिए जाने के संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की जांच, मौके की पैमाइश और निकाली गई मिट्टी के उपयोग से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जरूरी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खनन किसके निर्देश पर कराया जा रहा था और इसमें नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
एसडीएम ने की कार्रवाई की पुष्टि
मोहनलालगंज के उपजिलाधिकारी आकाश सिंह ने बताया कि सुल्सामऊ गांव की गाटा संख्या 797 में दर्ज पशुचर भूमि से मिट्टी खनन की सूचना पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने वहां चल रहे काम को रुकवा दिया है।
फिलहाल मामले में आगे की जांच और कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि तहसील प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सरकारी भूमि से मिट्टी निकाले जाने के आरोप में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर क्या कार्रवाई की जाती है।
