निगोहां। मोहनलालगंज क्षेत्र के कुशमौरा गांव में जर्जर खड़ंजा मार्गों के निर्माण और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन में अब गांव के प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी शामिल हो गए हैं। बच्चों ने बताया कि खराब रास्तों के कारण उन्हें रोजाना स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने बुधवार को कुशमौरा स्थित मिनी सचिवालय के पंचायत कार्यालय में धरना शुरू किया था। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ और ‘मतदान का पूर्ण बहिष्कार’ जैसे नारे लगाकर अपनी मांगें उठाईं। उनका कहना है कि लंबे समय से खराब पड़े रास्तों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सिसेंडी-बेनीगंज मार्ग से बाबा दोहला पुल तक खड़ंजा निर्माण और डामरीकरण कराना तथा परसपुर ठट्ठा से कुशमौरा तक अधूरे खड़ंजा मार्ग को पूरा कराकर उस पर डामर बिछाना शामिल है।
गुरुवार दोपहर बाद निगोहां थाना प्रभारी रविंद्र कुमार, ग्राम पंचायत सचिव शिव नारायण और हल्का लेखपाल जूही मौर्या धरनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और एसडीएम को मौके पर बुलाए जाने तक आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव ने मोबाइल फोन के जरिए एसडीएम से बातचीत कराने का प्रयास किया। ग्रामीणों के मुताबिक, एसडीएम ने जिलाधिकारी कार्यालय में होने की बात कहते हुए अगले दिन गांव आने की बात कही। इसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक अधिकारियों से उनकी मांगों पर ठोस बातचीत नहीं होती, धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन में प्रवेश कुमार शर्मा, अरविंद शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, वीरेंद्र अवस्थी, डॉ. सुशील अवस्थी, राजकुमार, मनोज कश्यप, अवधेश अवस्थी, चंद्र किशोर द्विवेदी, आलोक पाल, उमा देवी पाल, उषा देवी और बिट्टी देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन मिलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
