मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज विकासखंड के कुसमौरा गांव में जर्जर सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। गांव के मिनी सचिवालय परिसर में महिलाएं, बच्चे और अन्य ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन को अब भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक का भी समर्थन मिल गया है। वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तीन दिन बीतने के बाद भी एसडीएम और किसी जनप्रतिनिधि के धरनास्थल पर नहीं पहुंचने से उनकी नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, गांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्तों के चलते बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है और कुछ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि गांव के खराब खड़ंजा मार्गों की मरम्मत कराई जाए और सड़कों का डामरीकरण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।

फोन पर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने का आरोप

धरने का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी वीरेंद्र अवस्थी ने बताया कि उन्होंने एसडीएम मोहनलालगंज और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को फोन के माध्यम से सड़क की समस्या से अवगत कराया था। इसके बावजूद, उनके अनुसार, अब तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि धरनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करने नहीं आया।

वीरेंद्र अवस्थी का कहना है कि ग्रामीण अपनी बुनियादी समस्या के समाधान के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठोस कार्रवाई की उम्मीद नजर नहीं आई है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब दे।

किसान यूनियन ने दिया आंदोलन को समर्थन

कुसमौरा में चल रहे धरने को भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक का समर्थन भी मिला। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र पासी ‘बबलू’ धरनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की।

किसान नेताओं के समर्थन से सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को नई मजबूती मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं और अब सड़क निर्माण तथा मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

शनिवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

धरना दे रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार तक एसडीएम मोहनलालगंज धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं नहीं सुनते और समाधान को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल आश्वासन के भरोसे धरना समाप्त नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर ठोस कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, बेहतर सड़कें गांव के विकास, आम लोगों की सुविधा और बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी हैं।

फिलहाल कुसमौरा के मिनी सचिवालय परिसर में धरना जारी है। ग्रामीणों और किसान नेताओं के रुख को देखते हुए अब प्रशासन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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