मोहनलालगंज, लखनऊ। क्षेत्र के कोड़रा रायपुर गांव में आयोजित रामलीला में समाजसेवी ललित दीक्षित ने पहुंचकर बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन कर रहे कलाकारों की प्रस्तुतियां देखीं और विशेष रूप से बच्चों के अभिनय की सराहना की। इस दौरान उन्होंने बाल कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
रामलीला में बच्चों ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हुए अपने अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चों को पुरस्कार मिलने पर उनके चेहरे खिल उठे। ललित दीक्षित ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
इस दौरान समाजसेवी ने रामलीला के आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गांवों में धार्मिक कार्यक्रम आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। इनके आयोजन में जुटे लोगों का उत्साहवर्धन करना जरूरी है, ताकि सांस्कृतिक परंपराएं आगे भी जारी रहें।
वर्षों पुरानी परंपरा से जुड़ी है रामलीला
कोड़रा रायपुर गांव में रामलीला का आयोजन लंबे समय से होता आ रहा है। यह कार्यक्रम ग्रामीणों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, त्याग, कर्तव्य और मर्यादा से संबंधित प्रसंगों का मंचन किया जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित होने वाली रामलीला में बच्चों की भागीदारी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर देती है। इस तरह के आयोजन मनोरंजन के साथ-साथ सत्य, सदाचार और मर्यादा जैसे मूल्यों का संदेश भी देते हैं।
बाल कलाकारों को सम्मानित किए जाने से कार्यक्रम में उनका उत्साह बढ़ा। वहीं, आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना ने गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने के महत्व को भी रेखांकित किया।
