नगराम, लखनऊ। राजधानी के नगराम थाना क्षेत्र में लालगंज माइनर से रेत लादकर गुजर रहे डंपरों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन भारी वाहनों की तेज रफ्तार, उड़ती धूल और सड़कों पर गिरती बालू के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
धूल के गुबार से आवागमन प्रभावित
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रेत लदे डंपरों के गुजरने के दौरान ग्रामीण सड़कों पर धूल का गुबार छा जाता है। इससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। धूल के कारण सामने से आने वाले वाहनों को देखना भी मुश्किल हो सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण जरूरी है। यदि डंपर तेज गति से गुजरते हैं, तो सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
सड़क पर बिखरी बालू बन रही परेशानी
रेत के परिवहन के दौरान सड़क पर बालू गिरने की समस्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर बिखरी बालू दोपहिया वाहनों के पहियों की पकड़ कम कर सकती है, जिससे चालक के फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा रहता है।
ग्रामीण सड़कों पर बाइक सवारों, साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर जमा बालू की समय पर सफाई और रेत का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल
लालगंज माइनर से रेत लदे डंपरों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वाहनों की गति, रेत ढोने के तरीके और परिवहन संबंधी नियमों के पालन की जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों की मांग है कि डंपरों को निर्धारित गति सीमा में चलाया जाए और रेत को इस तरह ढककर ले जाया जाए, जिससे परिवहन के दौरान वह सड़क पर न गिरे। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए समस्या का समय रहते समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण करने, सड़क पर बिखरी बालू की सफाई कराने और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी रखने की जरूरत है।
फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई या प्रतिक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है।
अब निगाहें संबंधित विभागों पर हैं कि लालगंज माइनर से गुजरने वाले रेत लदे डंपरों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जाते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण सड़कों पर आवागमन सुरक्षित हो सके।
