पीजीआई, लखनऊ। देश की सेवा कर चुके एक पूर्व सैनिक को अपने ही भूखंड पर मकान बनवाने के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामला पीजीआई थाना क्षेत्र की तेलीबाग चौकी से जुड़ा है। पूर्व सैनिक का आरोप है कि पड़ोसी निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी देते हैं। उनका यह भी दावा है कि कई बार चौकी पहुंचकर शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब उन्होंने डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक से संपर्क कर न्याय की मांग की है।

पीड़ित राम भुवन गोस्वामी के मुताबिक, उन्होंने पीजीआई थाना क्षेत्र में नीलमथा रोड स्थित गोकुल धाम कॉलोनी के सामने अपनी पत्नी उर्मिला देवी के नाम भूखंड खरीदा था। इसका बैनामा 14 दिसंबर 2011 को कराया गया था। राजस्व अभिलेखों में जमीन खसरा संख्या 837मि. के अंतर्गत दर्ज है। उनका कहना है कि पिछले करीब छह महीने से वह इस भूखंड पर मकान का निर्माण करा रहे थे, लेकिन पड़ोसी से विवाद के बाद काम रुक गया।
पूर्व सैनिक के अनुसार, खसरा संख्या के शेष हिस्से पर विनय पाण्डेय का कब्जा है। दोनों भूखंडों के बीच 20 फुट का गलियारा छोड़े जाने का उल्लेख संबंधित बैनामा दस्तावेजों में भी है। राम भुवन गोस्वामी का दावा है कि गलियारे के इस्तेमाल को लेकर पहले दोनों पक्षों के बीच सहमति थी।
उनका आरोप है कि विनय पाण्डेय ने अपने मकान का निर्माण कराते समय गलियारे की ओर सीढ़ियां बनवाई थीं। उस समय मौखिक सहमति बनी थी कि वह भी अपने मकान की सीढ़ियां उसी दिशा में बनवा सकेंगे। लेकिन जब उन्होंने अपने हिस्से में निर्माण शुरू कराया तो विवाद खड़ा हो गया।

पीड़ित का आरोप है कि सीढ़ियों का निर्माण कराने के दौरान विनय पाण्डेय, उनकी पत्नी और सात-आठ अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर काम रुकवा दिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी। राम भुवन गोस्वामी का कहना है कि इस घटना के बाद से वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और विवाद के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
पूर्व सैनिक ने गलियारे में सीवर पाइप डाले जाने और सीढ़ियों के कारण उनके शटर का निचला हिस्सा बाधित होने की शिकायत भी की है। उनका कहना है कि इससे शटर बंद करने और आवागमन में परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य ठप होने से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राम भुवन गोस्वामी ने आरोप लगाया कि वह अपनी शिकायत लेकर तेलीबाग चौकी के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका दावा है कि शिकायत करने पर उन्हें कथित तौर पर फटकार लगाकर वापस भेज दिया जाता था।
पीड़ित के मुताबिक, शनिवार को उन्होंने डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक से फोन पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। डीसीपी ने उनकी बात सुनने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया और सोमवार को शिकायती पत्र व संबंधित दस्तावेजों के साथ अपने कार्यालय में उपस्थित होने को कहा।
अब पूर्व सैनिक को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने मांग की है कि दोनों पक्षों के भूखंडों के बैनामा और गलियारे से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और अभद्रता करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि वह बिना किसी भय के अपने मकान का निर्माण पूरा करा सकें।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित के बयान पर आधारित हैं। दूसरे पक्ष और संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
