लखनऊ/वाराणसी। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़े भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण पर कथित विवादित टिप्पणियों के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस प्रकरण पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के कार्यक्रमों को रद्द करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि ऐसी गतिविधियों को किसका संरक्षण मिल रहा है।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर आपत्तिजनक बातें प्रसारित होने की चर्चा है। उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संबंधित व्यक्ति के राजनीतिक संरक्षकों पर भी सवाल उठाए। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “अब सच्चे सनातनी इनकी पर्ची लिखेंगे।”
वाराणसी पहुंचकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना
इधर, मंगलवार को अखिलेश यादव एमएलसी चुनाव में पार्टी की जीत के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के जाने पर ही बनारस मुस्कुराएगा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा।
अखिलेश यादव ने किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या इन परियोजनाओं के आधार पर पूरे पूर्वांचल में राजनीतिक समर्थन हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार के हटने के बाद नौजवानों और किसानों समेत सभी वर्गों को राहत मिलेगी। उनके इन बयानों के साथ धीरेंद्र शास्त्री से जुड़े विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।
