सत्संग में कोई भी जरूरी बात छोड़ी नहीं जाती, सब कुछ बताया-समझाया जाता है: बाबा उमाकांत जी
धर्म-कर्म: संचित, क्रियामान आदि समस्त कर्मों को धोने काटने का आदि काल से चले आ रहे उपाय नामदान देने के एक मात्र अधिकारी, जिन पर विश्वास करके ही अब जीव…
धर्म-कर्म: संचित, क्रियामान आदि समस्त कर्मों को धोने काटने का आदि काल से चले आ रहे उपाय नामदान देने के एक मात्र अधिकारी, जिन पर विश्वास करके ही अब जीव…