
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन और पूजन-अर्चन के साथ हुआ। संस्थान की ओर से ट्रस्टी अध्यक्ष शिव प्रकाश मिश्रा “सेनानी”, सिंधुजा मिश्रा सेनानी, प्रथमेश प्रकाश मिश्रा सेनानी तथा प्रधानाचार्या प्रीति मिश्रा सेनानी ने अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में स्वामी मुकेश आनंद महाराज ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण और समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कारयुक्त शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एपीएस एकेडमी की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।
विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भरद्वाज भराला ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक तैयार करना है।
ट्रस्टी अध्यक्ष शिव प्रकाश मिश्रा “सेनानी” ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और तकनीकी दक्षता का समन्वित विकास करना है। प्रधानाचार्या प्रीति मिश्रा सेनानी ने भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में संस्कारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
समारोह में उपस्थित शिक्षाविदों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने विद्यालय के विशाल परिसर, आधुनिक संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की योजनाओं की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने एपीएस एकेडमी इंटर कॉलेज के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे शिक्षा और संस्कारों का सशक्त केंद्र बताया।
