Lucknow News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस हिरासत में व्यापारी मोहित पांडे की मौत को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जनता जानना चाहती है कि क्या उस व्यापारी की मौत के मामले में बुलडोज़र चलेगा। यह सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जान लेने वालों को मुआवज़े में जीवन नहीं मिल सकता, और दीवाली के मौके पर झूठी रोशनी से अपने शासन का अंधकार मिटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
काश जान लेनेवाले मुआवज़े में जीवन भी दे सकते।
दीवाली पर जिन्होंने किसी के घर का चिराग़ बुझाया है, उम्मीद है वो झूठ के दीये नहीं जलाएंगे, झूठी रोशनी से अपने शासनकाल का घोर काला अंधकार मिटाने की कोशिश नहीं करेंगे। जनता पूछ रही है, जिसकी हिरासत में मौत हुई है उस पर बुलडोज़र चलेगा?…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 28, 2024
मोहित पांडे की मौत चिनहट थाने में हिरासत के दौरान हुई थी, जहां उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मोहित को हिरासत में लेने के बाद पिटाई की, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। इस मामले में एसएचओ अश्विनी चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है, और परिजनों की शिकायत पर अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने न्याय का दिया आश्वासन
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मोहित पांडेय के परिजनों से मुलाकात की और न्याय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद चिनहट कोतवाली में तैनात दो और इंस्पेक्टरों के खिलाफ एक्शन लिया गया है। दोनों इंस्पेक्टरों को चिनहट कोतवाली से हटा दिया गया है। हटाये गए एक इंस्पेक्टर को आशियाना तो दूसरे को गोमतीनगर विस्तार में तैनाती दी गई है।
