Milkipur by-election: मिल्कीपुर उपचुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा, जिसके लिए मंगलवार को पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों की ओर रवाना कर दी गईं। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज हो गया है।
अखिलेश यादव के आरोप:-
सोमवार को मिल्कीपुर में जनसभा करने पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष में बीएलओ के माध्यम से मतदाता पर्ची का वितरण नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा विधायकों के रिश्तेदारों व करीबी लोगों को पुलिस प्रशासन में तैनात किया गया है। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने उन्हें गलत कोऑर्डिनेट्स देकर उनके हेलीकॉप्टर को मिल्कीपुर में उतरने से रोकने की कोशिश की, जिससे वे जनसभा न कर सकें।
भाजपा का पलटवार:-
सपा प्रमुख के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अखिलेश यादव के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सपा अपनी संभावित हार को देखते हुए निराशा में इस तरह के झूठे आरोप लगा रही है।
प्रशासन की सफाई:-
इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र विजय सिंह ने भी बयान जारी कर स्पष्ट किया कि मतदाता पर्ची का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को पर्ची नहीं मिली है, तो अन्य वैकल्पिक पहचान पत्रों का उपयोग करके वह अपना वोट डाल सकता है। मतदाता पर्ची न होने की स्थिति में भी किसी को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा।
