बैठक की शुरुआत में मल्लिकार्जुन खरगे ने उपस्थित नेताओं से अपने विचार संक्षेप में रखने का अनुरोध किया। इसके बाद उन्होंने आगे की चर्चा और रणनीति पर विचार-विमर्श के लिए अखिलेश यादव को आमंत्रित किया। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा हुई।
बैठक में शामिल होने से पहले अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक का एजेंडा सामूहिक रूप से तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को मजबूत करना है तथा वर्तमान परिस्थितियों में समान विचारधारा वाले दलों की एकजुटता समय की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान अखिलेश यादव लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बैठे दिखाई दिए। इस दौरान उनकी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत अन्य नेताओं से भी विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई।
इंडिया गठबंधन की इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उद्धव गुट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और वाम दलों सहित कुल 23 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में विपक्षी एकता को और मजबूत करने, साझा रणनीति तैयार करने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर समन्वय बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की गई। राजनीतिक हलकों में अखिलेश यादव को दी गई इस अहम भूमिका को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ते तालमेल और विपक्षी एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
