UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मिल्कीपुर उपचुनाव के बाद चुनाव आयोग को लेकर दिए गए अपने बयान पर घिरते नजर आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उनके बयान की आलोचना करते हुए उनसे माफी की मांग की है। डुमरियागंज से भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि, जब चुनाव में जीत मिलती है, तब चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन हारने पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि, अखिलेश यादव को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने भी इस मुद्दे पर अखिलेश को निशाने पर लेते हुए कहा कि, संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा का पलटवार:-
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि, मिल्कीपुर में हार से हताश होकर समाजवादी पार्टी ने झूठी खबरें फैलाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि, अखिलेश यादव अब प्रोपेगेंडा पॉलिटिक्स के चैंपियन बन चुके हैं और झूठे ऑडियो, वीडियो तथा फोटो के जरिए हार की निराशा को कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि वह चुनाव आयोग से नाराज़ नहीं हैं, लेकिन मिल्कीपुर का चुनाव एक अलग तरह का चुनाव था। उन्होंने कहा कि, वह लोकतंत्र में मतदान की प्रक्रिया को दिखाना चाहते थे, यहां तक कि इसे विदेशी मीडिया को भी दिखाने की इच्छा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि, अयोध्या के एसएसपी को लगातार निर्देश दिए जा रहे थे और उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ता प्रदीप यादव के साथ मारपीट की और जब इस मामले में दबाव पड़ा तो संबंधित पुलिस अधिकारी छुट्टी पर चला गया। अखिलेश ने चुनाव को निष्पक्ष न बताते हुए कहा कि यह जनता के वोटिंग अधिकार को छीनने की साजिश है।
#WATCH दिल्ली: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर लगे आरोपों पर कहा, "यह भाजपा का चुनाव लड़ने का तरीका है। चुनाव आयोग मर गया है, सफेद कपड़ा हमें भेंट करना पड़ेगा।" pic.twitter.com/LXJWZV4bjA
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 6, 2025
