रामपुर:धोखाधड़ी के केस में हरदोई जेल में बंद आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान करीब 17 महीने बाद रिहा हो गए हैं। कोर्ट से उनकी जमानत मंजूर होने के बाद सोमवार को रिहाई का परवाना जेल प्रशासन के लिए भेज दिया गया था।

दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में 18 अक्टूबर 2023 को न्यायालय ने सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में आजम खां सीतापुर जेल में सजा काट रहे हैं, जबकि अब्दुल्ला हरदोई जेल में बंद हैं। डा. तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद थी, जो सात माह 11 दिन बाद जमानत पर बाहर आ गई थीं। आजम खां और अब्दुल्ला अभी भी जेल में बंद हैं।

पूर्व में शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के आरोप से घिरे सपा नेता आजम खां व अब्दुल्ला आजम को रामपुर पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। जिस पर यह मामला शासन तक पहुंचा था। जिसके बाद इस मामले में शासन ने दोबारा विवेचना के आदेश दिए गए थे। एसपी ने इस मामले की विवेचना अपराध शाखा के इंस्पेक्टर नवाब सिंह को सौंपी थी। नवाब सिंह इस वक्त रामपुर में शहर कोतवाल हैं।

इस मामले में बीते मंगलवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी। लेकिन, कोर्ट ने अपने आदेश में चार शर्तें रखी हैं । उन शर्तों के साथ अब्दुल्ला कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे। कोर्ट ने कहा है कि बिना न्यायालय की अनुमति के अब्दुल्ला आजम देश नहीं छोड़ेंगे, प्रत्येक तिथि पर न्यायलय में हाजिर होंगे और गवाहों के साथ कोई छेड़छाड़ नही करेंगे

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