UP: अलीगढ़ में भाजपा की गुटबाजी के कारण मंडल, जिला और महानगर अध्यक्षों के चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। पूरे प्रदेश में संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अलीगढ़ में यह दो माह के लिए टाल दी गई है।

चुनाव टालने का कारण:-
अलीगढ़ संगठन के दोनों जिले (महानगर और जिला) ब्रज प्रांत के उन चार जिलों में शामिल हैं, जहां चुनाव फिलहाल नहीं होंगे। हाथरस और फिरोजाबाद भी इन जिलों में शामिल हैं। प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ही शुरू हो चुकी थी। इसी के तहत अलीगढ़ में भी मंडल अध्यक्षों के चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए थे, लेकिन यहां गुटबाजी इतनी बढ़ गई कि चुनाव प्रक्रिया रोकनी पड़ी।

चार गुटों में बंटी भाजपा:-
पहला खेमा – केंद्रीय जनप्रतिनिधियों का गुट, जो अपनी पसंद के मंडल अध्यक्षों को नियुक्त करना चाहता था।
दूसरा खेमा – राज्य के वरिष्ठ नेताओं का गुट, जो अपने अनुसार चुनाव कराना चाहता था।
तीसरा खेमा – एक पूर्व कद्दावर नेता के समर्थकों का गुट।
चौथा खेमा – वे संगठन सदस्य जो किसी भी गुट का हिस्सा नहीं हैं।

चुनाव प्रक्रिया कैसे होनी थी?
सबसे पहले मंडल अध्यक्षों का चुनाव होना था, जो आगे चलकर जिला और महानगर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रस्तावक बनते। लेकिन मंडल अध्यक्षों पर सहमति न बनने के कारण यह पूरी प्रक्रिया अटक गई।

आगे की रणनीति:- 
अब यह तय किया गया है कि अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद के संगठनात्मक चुनाव प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद या कुछ माह इंतजार के बाद होंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत का 17 से 21 अप्रैल तक अलीगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके प्रवास के बाद संगठन चुनाव पर कोई निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
कृष्णपाल लाला, जिलाध्यक्ष भाजपा – समन्वय की कमी के कारण अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद में चुनाव कुछ समय के लिए स्थगित किए गए हैं।
इंजी. राजीव शर्मा, महानगर अध्यक्ष भाजपा – पुराने मंडल अध्यक्ष ही पूरे जोश के साथ संगठन कार्य संभाल रहे हैं।

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