Lucknow: Samajwadi Party आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से बाहर भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस साल होने वाले Assam विधानसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी खास तौर पर उन सीटों पर ध्यान दे रही है जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। शुरुआती चर्चा के मुताबिक करीब 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस बारे में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और पार्टी के अंदर मंथन जारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सपा असम चुनाव में उतरती है तो इसका असर वहां की विपक्षी राजनीति पर भी पड़ सकता है। असम में मुख्य विपक्षी दल के रूप में Indian National Congress सक्रिय है, ऐसे में सपा की एंट्री से कांग्रेस की रणनीति प्रभावित हो सकती है। दरअसल, सपा की कोशिश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और प्रभाव को मजबूत करने की बताई जा रही है। किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने के लिए चार से अधिक राज्यों में न्यूनतम 6 प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी होता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सपा अन्य राज्यों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है।
पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav भी जरूरत पड़ने पर असम में चुनाव प्रचार के लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इससे पहले भी सपा उत्तर प्रदेश के बाहर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। Maharashtra और Gujarat जैसे राज्यों में पार्टी के विधायक चुने जा चुके हैं। ऐसे में असम में चुनाव लड़ने की रणनीति पार्टी के विस्तार की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। फिलहाल इस पूरे मामले पर पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फैसला लागू होता है तो आने वाले समय में विपक्षी दलों के बीच नई राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
