Lucknow: राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू होने के बाद, सोमवार दोपहर दो बजे टाउनशिप में फिर से खरीदार और निवेशक एकत्र होंगे। इस कार्रवाई का असर उन करीब 5000 लोगों पर पड़ा है जिन्होंने अंसल को कई हजार करोड़ रुपये दिए, लेकिन उन्हें अब तक जमीन या मकान नहीं मिला। इस मौके पर सरोजिनी नगर के भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह भी मौजूद रहेंगे और प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनेंगे।
कार्यालय बंद, निवेशकों में रोष:-
निवेशकों गगन टंडन, अनुपम मिश्रा और मनीष कुमार ने बताया कि एनसीएलटी की कार्रवाई के बाद शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई हाईटेक टाउनशिप के कार्यालय को बंद कर दिया गया है। कर्मचारी ताला लगाकर वहां से चले गए। शनिवार को बंद कार्यालय देखकर निवेशकों ने दो घंटे तक प्रदर्शन किया। अब सोमवार को सभी फिर से इकट्ठा होंगे और बैठक करेंगे। इस बैठक में विधायक राजेश्वर सिंह भी शामिल होंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
बैठक में उठेंगे ये प्रमुख मुद्दे:-
- अधूरी टाउनशिप को विकसित करने का अधिकार: अंसल और एलडीए के बीच हुए एमओयू के तहत शासन को एलडीए को अधिकार देना चाहिए ताकि निवेशकों को उनका घर और जमीन मिल सके।
- बंधक रखी जमीन की बिक्री: एलडीए को कंपनी द्वारा गिरवी रखी जमीन बेचकर पैसा वसूलना चाहिए।
- सुप्रीम कोर्ट और एनसीएलटी में अपील: खरीदार और निवेशक एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट और एनसीएलटी कोर्ट में अपील दायर करेंगे।
- शासन की भूमिका: अंसल को केवल 83 करोड़ रुपये के बकाया के आधार पर दिवालिया घोषित किया गया, जबकि टाउनशिप में हजारों करोड़ की जमीन खाली है। शासन को इसमें दखल देकर एनसीएलटी में पैसा जमा कराना चाहिए क्योंकि टाउनशिप विकसित करने के लिए अंसल का चयन खुद शासन ने किया था।
बैठक से पहले व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट:-
प्रभावित खरीदारों और निवेशकों ने तीन दिन पहले सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। लेकिन आरोप है कि इसमें कंपनी से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हो गए और उन्होंने रविवार शाम को ग्रुप डिलीट कर दिया। निवेशक गगन टंडन ने बताया कि ग्रुप में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए सभी को एडमिन बनाया गया था, लेकिन किसी ने इसका दुरुपयोग कर ग्रुप ही हटा दिया। निवेशकों का मानना है कि यह अंसल से जुड़े लोगों की साजिश है ताकि बैठक से पहले समन्वय बिगाड़ा जा सके।
