Waqf Amendment Bill 2025: आज (बुधवार) लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पेश किया जाएगा। इससे पहले, इस विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि समिति की मेहनत सफल रही है और अब सरकार इसे संशोधित रूप में पेश कर रही है।
उत्तर भारत का दौरा नहीं कर सकी समिति:-
जगदंबिका पाल ने बताया कि JPC ने इस विधेयक को लेकर दक्षिण भारत का दौरा किया, लेकिन उत्तर भारत का दौरा नहीं कर पाई। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री ने समिति से कहा था कि वे पूरे देश में जाकर इस विधेयक पर चर्चा करें। साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि शुरुआत से ही इस विधेयक का विरोध किया जा रहा है। जगदंबिका पाल ने बताया कि समिति की बैठकों में सभी नेता शामिल होते थे और विचार-विमर्श के बाद सरकार अब इस विधेयक को संशोधित रूप में पेश कर रही है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस विधेयक के पारित होने से देश के गरीब, पसमांदा और आम मुसलमानों को लाभ मिलेगा। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
लोकसभा में 8 घंटे की चर्चा:-
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस विधेयक पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है। गौरतलब है कि वक्फ अधिनियम, 1995 में पहले भी संशोधन किए जा चुके हैं, जिनमें 2013 में यूपीए सरकार के समय हुए बदलाव भी शामिल हैं। विधेयक पर बहस के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है। बीजेपी, कांग्रेस, जदयू, टीडीपी सहित कई दलों ने अपने सांसदों के लिए निर्देश जारी किये है।
किरेन रिजिजू का बयान:-
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार इस विधेयक पर चर्चा चाहती है और सभी राजनीतिक दलों को अपनी राय रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि देश भी यह देखना चाहता है कि किस पार्टी का क्या रुख है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष चर्चा में भाग नहीं लेना चाहता, तो कोई उन्हें जबरदस्ती इसमें शामिल नहीं कर सकता।