Lucknow News: जीवन में बदलाव के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और उत्तर प्रदेश के शरद सिंह (सरिता) ने यह साबित कर दिया कि सच्ची पहचान अपनाने की राह में कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। शरद सिंह ने जेंडर चेंज करवाकर अपने जीवन को एक नई दिशा दी और अपने प्रेमी से विवाह कर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की। अब उनके घर में किलकारी गूंज चुकी है, जिससे उनकी खुशियां और भी बढ़ गई हैं।
आपको बता दें कि काकोरी ट्रेन एक्शन के बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री सरिता सिंह ने वर्ष 2021-22 में जेंडर बदलवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी. दरअसल, सरिता लड़की होने के बाद भी वह लड़कों की तरह ही रहती थी. ऐसे में उन्होंने लखनऊ में हार्मोन थेरेपी करवाई, जिससे उनके चेहरे पर दाढ़ी उग आई थी. आवाज भी भारी हो गई थी. इन सब के बाद उन्होंने अपनी प्रेमिका से शादी रचा ली.

सरिता से शरद बनने तक का सफर
सरिता के रूप में जन्मे शरद को बचपन से ही अपनी पहचान को लेकर असमंजस था। उन्होंने हमेशा खुद को एक पुरुष के रूप में महसूस किया, लेकिन सामाजिक दबावों और पारिवारिक बंधनों के कारण अपनी सच्ची पहचान को व्यक्त करने में कठिनाई हुई। आखिरकार, उन्होंने अपनी भावनाओं को समझा और सेक्स चेंज सर्जरी कराने का साहसिक निर्णय लिया। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन आत्म-स्वीकृति और दृढ़ संकल्प ने उन्हें इस सफर को पूरा करने की शक्ति दी।
दोस्ती से शादी तक का सफर
शरद ने अपने सबसे करीबी दोस्त से शादी की, जो उनकी यात्रा के हर पड़ाव पर उनके साथ कड़ी रही । यह विवाह सिर्फ प्रेम का नहीं, बल्कि समझ, विश्वास और एक-दूसरे को स्वीकार करने की भावना का प्रतीक है। इस शादी ने यह साबित कर दिया कि प्यार लिंग पहचान से परे होता है और रिश्तों की सच्ची नींव आपसी सम्मान और समर्थन पर आधारित होती है।
