UP Politics: जाति जनगणना कराने के केंद्र सरकार के फैसले पर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही सरकार की नीयत पर सवाल भी उठाए।

पहले से उठाई थी मांग:-
चंद्रशेखर ने कहा कि, उनकी पार्टी काफी समय से जाति जनगणना की मांग कर रही है। उन्होंने बताया, 3 फरवरी को संसद में मैंने खुद यह मुद्दा उठाया था। 2024 में दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हुए आंदोलन में भी हमारी पहली मांग यही थी। सहारनपुर से लेकर 18 मंडलों में हमने जनसभा की, और हर जगह हमने जाति जनगणना की जरूरत बताई। उनका कहना है कि जाति जनगणना से समाज के हर वर्ग चाहे वह पिछड़ा हो या सामान्य वर्ग की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी। किसके पास कितनी शिक्षा है, नौकरी, जमीन इन सबकी सच्चाई सामने आएगी।

सरकार सिर्फ बात कर रही है, समय सीमा नहीं दी:-
आजाद ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि, अब तक इस पर कोई ठोस समय-सीमा नहीं दी गई है। उन्होंने कहा, ऐसा लग रहा है कि बिहार चुनाव के दबाव में यह मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में 1931 के बाद से कोई भी व्यवस्थित जाति जनगणना नहीं हुई है। जब तक सही आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक कई सामाजिक और आर्थिक सवालों पर स्पष्टता नहीं आ सकती। चंद्रशेखर ने चिंता जताई कि सरकार आने वाले समय में अपने फैसले से पीछे भी हट सकती है। बिहार चुनाव के बाद सरकार कह सकती है कि वे अब जनगणना नहीं कराएंगे।

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