Bihar News: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इस बीच AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं और दो दिन के दौरे पर शुक्रवार को बिहार आ रहे हैं। एआईएमआईएम के प्रवक्ता आदिल हसन ने जानकारी दी कि बिहार इकाई ने लगभग 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव ओवैसी को दिया है, लेकिन अंतिम निर्णय वही लेंगे।
किशनगंज, बहादुरगंज, मोतिहारी और गोपालगंज का भी करेंगे दौरा:-
ओवैसी शुक्रवार शाम सीमांचल के मुस्लिम बहुल क्षेत्र किशनगंज पहुंचेंगे। वहां पार्टी नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे और रात में वहीं रुकेंगे। शनिवार को वे किशनगंज के बहादुरगंज में एक जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर दरभंगा के लिए रवाना होंगे, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। शनिवार को ही ओवैसी दरभंगा से मोतिहारी जाएंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे। रविवार को वे मोतिहारी के ढाका क्षेत्र में रैली को संबोधित करेंगे। इसके बाद गोपालगंज में पार्टी की बैठक में हिस्सा लेंगे और शाम को गोरखपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
राजनीतिक समीकरणों पर ओवैसी के प्रभाव की चर्चा:-
ओवैसी का यह दौरा मुस्लिम बहुल क्षेत्रों जैसे किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार समेत मिथिलांचल और मगध क्षेत्र के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 5 पर जीत हासिल की थी। इन सीटों पर ओवैसी की पार्टी की मौजूदगी ने कई जगह आरजेडी को नुकसान पहुंचाया था। बाद में उनके 5 में से 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। अगर इस बार ओवैसी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ते हैं, तो यह महागठबंधन के लिए नुकसानदायक हो सकता है और एनडीए को इसका फायदा मिल सकता है, खासकर मुस्लिम वोटों के विभाजन की स्थिति में। बिहार में मुस्लिम आबादी लगभग 17 प्रतिशत है, जो चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
