लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में चल रहे अवैध मदरसों पर सख्त रुख अपनाते हुए बीते 11 दिनों में 105 अवैध मदरसों को बंद कर दिया है, जबकि 2 मदरसों पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यतः श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी जिलों में की गई है, जो नेपाल सीमा से लगे हैं।
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना है। जानकारी के अनुसार, कई मदरसे न तो मदरसों की मान्यता नीति का पालन कर रहे थे और न ही इनके पास ज़मीन के वैध दस्तावेज थे।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं…
-
बिना मान्यता के चल रहे थे कई मदरसे
-
सरकारी नियमों का नहीं हो रहा था पालन
-
कई मदरसे अवैध कब्जे की ज़मीन पर बने पाए गए
-
सुरक्षा की दृष्टि से संदिग्ध गतिविधियों की आशंका
जिला प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा मदरसों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। दस्तावेजों की जांच के बाद जिन मदरसों में गड़बड़ी पाई गई, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
शासन का निर्देश, कार्रवाई होगी जारी…
प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध और संदिग्ध मदरसों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मदरसों का सत्यापन तेजी से पूरा किया जाए और यदि कोई संस्थान नियमों के विरुद्ध पाया जाए तो उस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दी सफाई…
इस कार्रवाई पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ कानून व्यवस्था और सुरक्षा के दृष्टिकोण से की जा रही है, इसमें किसी भी धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।
