Lucknow: भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच लखनऊ जल्द ही रक्षा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। अब यहां न केवल लड़ाकू विमानों के पुर्जे बनेंगे, बल्कि पनडुब्बियों के लिए भी अत्याधुनिक उपकरण तैयार किए जाएंगे।
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टाइटेनियम और सुपर अलॉय जैसी उच्च गुणवत्ता वाली धातुओं से बने उपकरणों की यूरोपीय आपूर्तियों में देरी के चलते हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को तेजस मार्क-2 के इंजन निर्माण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब ऐसी बाधाएं दूर हो जाएंगी, क्योंकि इन उपकरणों का उत्पादन देश में ही शुरू होने जा रहा है।
लखनऊ में पीटीसी इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा एक आधुनिक उत्पादन परिसर की स्थापना की जा रही है, जिसमें फाइटर जेट, सबमरीन, स्पेसक्राफ्ट और एयरोइंजन के लिए जरूरी अत्याधुनिक पुर्जे बनाए जाएंगे। इस परिसर की आधारशिला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा वर्चुअली रखी जाएगी। यह कॉम्प्लेक्स ब्रह्मोस नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल उत्पादन केंद्र के निकट बनेगा।
पीटीसी इंडस्ट्रीज की पहल
पीटीसी इंडस्ट्रीज एक निजी कंपनी है जो एयरोस्पेस, डिफेंस और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपकरण निर्माण में अग्रणी है। अब तक भारत को टाइटेनियम और सुपर अलॉय से बने विशिष्ट उपकरणों के लिए जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब लखनऊ के डिफेंस कॉरिडोर क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर बनने वाले ‘स्ट्रैटेजिक मैटेरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स’ में पांच निर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यहां औद्योगिक विकास के लिए प्रशिक्षण और उत्कृष्टता केंद्र भी खोला जाएगा।
कंपनी चेयरमैन का बयान
कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सचिन अग्रवाल ने बताया कि इस पहल के तहत न केवल रक्षा उपकरण बनाए जाएंगे, बल्कि शोध और प्रशिक्षण के लिए भी विशेष संस्थान स्थापित किए जाएंगे। यह रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। उधर, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 10 मई को पाकिस्तान ने एक बार फिर दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने समय रहते विफल कर दिया।
