लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 350 से अधिक अवैध धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई राज्य के विभिन्न जिलों में की गई, जिसमें कई मस्जिदें, मदरसे, मंदिर और अन्य धार्मिक ढांचे शामिल हैं। सरकार ने इन सभी को सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा मानते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम इलाहाबाद हाईकोर्ट के 3 जून 2016 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें 1 जनवरी 2011 के बाद सार्वजनिक स्थानों पर बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में सबसे अधिक कार्रवाई
नेपाल सीमा से सटे बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिलों में प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सैकड़ों धार्मिक स्थलों को हटाया है। बहराइच में 89, श्रावस्ती में 119 (जिसमें 17 मदरसे भी शामिल हैं), बलरामपुर में 57, सिद्धार्थनगर में 52 और महाराजगंज में 49 अवैध धार्मिक स्थल ध्वस्त किए गए।
लखनऊ के अकबरनगर में भी चला बुलडोजर
लखनऊ के अकबरनगर इलाके में भी बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। प्रशासन ने कुकरैल नदी के किनारे बसे 24.5 एकड़ क्षेत्र को खाली कराते हुए दो मस्जिदें, एक मदरसा और एक मंदिर सहित 1,169 आवासीय और 101 व्यावसायिक निर्माणों को गिरा दिया।
180 साल पुरानी मस्जिद पर भी चली कार्रवाई
फतेहपुर जिले के ललौली कस्बे में स्थित करीब 180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद का भी अतिक्रमण वाला हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के तहत की गई। मस्जिद कमेटी की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन थी, लेकिन प्रशासन ने सुनवाई से पहले ही कार्यवाही पूरी कर ली।
लाउडस्पीकर हटाने का भी अभियान
ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए यूपी पुलिस ने मंदिरों और मस्जिदों से 100 से अधिक लाउडस्पीकर हटाए हैं। यह कार्रवाई जौनपुर, कन्नौज, पीलीभीत, लखनऊ और अन्य जिलों में की गई।
प्रयागराज में ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ सख्ती
प्रयागराज में अक्षय वट, सरस्वती कूप और द्वादश माधव जैसे पौराणिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने का काम भी युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री योगी ने इन स्थलों के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए विशेष निर्देश दिए हैं।
