Aligarh News: गाजियाबाद से अलीगढ़ के बीच चल रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बड़ी लापरवाही सामने आई है। ट्रेन के डीजल टैंक से लगातार ईंधन रिसता रहा, लेकिन किसी की नजर इस गंभीर खतरे पर नहीं पड़ी। यह रिसाव लगभग 120 किलोमीटर तक ट्रैक पर फैला रहा और ट्रेन 14 स्टेशनों को पार करते हुए अलीगढ़ पहुंची। अलीगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ टीम ने जब जांच की, तो सोमना स्टेशन तक ट्रैक पर डीजल फैला हुआ मिला। जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद क्षेत्र में ड्रिल मशीन ट्रेन के टैंक में फंस गई थी, जिससे यह रिसाव शुरू हुआ।

लापरवाही से बढ़ सकता था खतरा
ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी और इतने लंबे रूट पर किसी ने रिसते डीजल की ओर ध्यान नहीं दिया। अगर कहीं पर एक छोटी सी चिंगारी भी निकलती, तो पूरी ट्रेन आग की चपेट में आ सकती थी। अलीगढ़ स्टेशन पर जब डीजल रिसाव की सूचना मिली, तो स्टेशन अधीक्षक समेत कई रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। टैंक से डीजल निकालने के लिए पहले अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन सफल न होने पर डीजल को पाइप के माध्यम से ड्रम में निकाला गया। इस प्रक्रिया में ट्रेन लगभग ढाई घंटे रुकी रही।
ड्रिल मशीन कैसे फंसी, इसकी जांच जारी
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद स्टेशन के पास ट्रैक पर निर्माण कार्य चल रहा था। मजदूर मशीन छोड़कर भोजन पर गए थे और संभवतः वही मशीन ट्रेन के टैंक से टकरा गई। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि भी हुई है। रेलवे ने इसके लिए संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई करने की बात कही है। ट्रेन रुकने की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। एसी कोच में तो स्थिति ठीक रही, लेकिन जनरल व स्लीपर कोच में लोग गर्मी से बेहाल नजर आए। बच्चों को प्यास और भूख से रोते देखा गया। कई यात्री गर्मी से परेशान होकर बाहर निकलकर हवा खाते दिखाई दिए ।
