Neha Singh Rathore: लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई 29 मई 2025 को हुई थी। इस एफआईआर में उन पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने और देश की एकता को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं।
नेहा सिंह राठौर ने इस एफआईआर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान, उनके वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि अभियोजन द्वारा एकत्रित साक्ष्य उन्हें सौंपे जाएं। हालांकि, सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि साक्ष्यों को आरोपी को सौंपना उचित नहीं है। इस पर अदालत ने साक्ष्यों को सौंपने के मुद्दे पर सुनवाई के लिए याचिका को 29 मई को प्राथमिकता पर सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।
इससे पहले, अयोध्या की एक अदालत ने नेहा सिंह राठौर के खिलाफ दर्ज एक अन्य शिकायत को खारिज कर दिया था, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पहलगाम हमले से जोड़कर सोशल मीडिया पर “देशविरोधी” पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता के पास इस तरह की शिकायत दर्ज कराने का अधिकार नहीं है, और यह शिकायत स्वीकार्य नहीं है।
नेहा सिंह राठौर ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उन्हें गलत तरीके से इन मामलों में फंसाया गया है और उनका इरादा किसी भी धर्म या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने अदालत से एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 जून 2025 को निर्धारित की गई है, जिसमें अदालत यह तय करेगी कि एफआईआर को रद्द किया जाए या नहीं।
