Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को आखिरकार तीन साल बाद इंसाफ मिल गया। कोटद्वार सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को दोषी करार दे दिया है।
सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी, जो कि ऋषिकेश के पास यमकेश्वर में स्थित एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं, अचानक लापता हो गईं। कुछ ही दिनों बाद उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि अंकिता पर “स्पेशल सर्विस” देने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसका उसने विरोध किया। इसके चलते रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, और उसके दो सहयोगी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता ने उसे नहर में धक्का देकर मार डाला।
न्यायिक प्रक्रिया
उत्तराखंड सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच में निम्न तथ्य सामने आए:
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500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई।
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100 गवाहों के बयान और 30+ दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में पेश किए गए।
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आरोपियों पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत नष्ट करना), 354A (यौन उत्पीड़न) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए।
कोर्ट ने तीनों आरोपियों को सभी प्रमुख धाराओं में दोषी पाया है। अब अगली सुनवाई में सजा का ऐलान किया जाएगा।
