दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म डायरेक्टर सनोज कुमार मिश्रा को दुष्कर्म के एक मामले में जमानत दे दी है। यह निर्णय पीड़िता द्वारा दाखिल एक हलफनामे के आधार पर लिया गया, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह मिश्रा के साथ सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में थी और उनके बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे। महिला ने यह भी कहा कि उसने मिश्रा के कुछ विरोधियों के प्रभाव में आकर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।

में मिश्रा को झांसी की एक युवती द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि मिश्रा ने फिल्मों में काम दिलाने का लालच देकर उसका चार साल तक शारीरिक शोषण किया, तीन बार जबरन गर्भपात कराया और धमकियां भी दीं. हालांकि, बाद में महिला ने अपने आरोपों से मुकरते हुए अदालत में हलफनामा दायर किया, जिसमें उसने कहा कि वह मिश्रा के साथ सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में थी और उनके बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे। महिला ने यह भी कहा कि उसने मिश्रा के कुछ विरोधियों के प्रभाव में आकर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि यह यौन अपराधों की झूठी शिकायतें दर्ज कराने की हालिया प्रवृत्ति को दर्शाने वाला एक और मामला है। अदालत ने कहा कि ऐसी झूठी शिकायतें न केवल आरोपी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि पूरे समाज में अविश्वास और संदेह का माहौल भी पैदा करती हैं, जिससे वास्तविक पीड़ितों को भी नुकसान होता है। यह मामला यौन अपराधों से संबंधित झूठी शिकायतों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता का विषय बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में एक निर्णय में कहा है कि आपसी सहमति से बना रिश्ता अगर बाद में बिगड़ता है या उसमें दूरी आ जाती है, तो इसे रेप का आधार नहीं बनाया जा सकता।

 

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *