UP: अयोध्या के गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय उस समय जुड़ गया जब गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करवाई। पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की दिव्य गूंज और शंखध्वनि से वातावरण आध्यात्मिकता से सराबोर हो गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर प्रांगण में आचार्यों, संतों और पंडितों की संयुक्त उपस्थिति में पूजा-पाठ, हवन और मंत्रोच्चारण प्रारंभ हो गया, जिससे एक अत्यंत पवित्र माहौल बना।

प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही भगवान राम अब अपने नवनिर्मित मंदिर में विधिवत विराजमान हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी ने इस पावन क्षण को और भी विशेष बना दिया। मुख्यमंत्री ने सभी देव विग्रहों का विधिपूर्वक अभिषेक किया। इसके बाद राम दरबार की प्रतिमा से आवरण हटाया गया और भगवान राम को भव्य आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। इस पावन अवसर पर अयोध्या के 19 प्रमुख संत और धर्माचार्य भी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी ने हनुमानगढ़ी जाकर पूजा-अर्चना की। राम दरबार के मनोहारी दृश्य ने सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरी प्राण प्रतिष्ठा विधिविधान और शांति से सम्पन्न हुई।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मंदिर निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगा। समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर को नमन किया और फिर वहां से रवाना हो गए।
