Ram Mandir: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विवाद शुरू हो गया है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एक ही मंदिर में दो बार प्राण प्रतिष्ठा करना शास्त्र सम्मत नहीं है। उन्होंने पूछा, “यदि पहली प्राण प्रतिष्ठा सही थी, तो दूसरी की आवश्यकता क्यों पड़ी? और यदि दूसरी की जा रही है, तो क्या पहली में कोई त्रुटि हुई थी?”

Also Read This: मातम में बदली IPL जीत की खुशी : बेंगलुरु में भगदड़ से 11 लोगों की मौत, उठे सवाल

शंकराचार्य ने यह भी कहा कि शास्त्रों के अनुसार अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जा सकती, और पहली प्राण प्रतिष्ठा के समय मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि धार्मिक अनुष्ठानों का राजनीतिक उपयोग नहीं होना चाहिए।

इस विवाद के बीच, राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन 3 जून से 5 जून 2025 तक चल रहा है, जिसमें राम मंदिर के प्रथम तल पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों की स्थापना की जा रही है। समारोह के समापन दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।  इस मुद्दे पर संत समाज में मतभेद उभर आए हैं, और यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या दोहरी प्राण प्रतिष्ठा शास्त्रों के अनुसार उचित है या नहीं।

admin

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *