Lucknow: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार में बैठे लोग अकसर विपक्ष के खिलाफ विवादित बयान देते हैं, लेकिन उनकी सदस्यता पर कोई असर नहीं पड़ता, जबकि समाजवादी नेताओं को निशाना बनाकर उनकी सदस्यता रद्द की जा रही है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि फैसले अब जाति के आधार पर लिए जा रहे हैं। कुछ न्यायाधीशों की नियुक्ति भी इसी वजह से की जा रही है। वह शुक्रवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
गौरतलब है कि हेट स्पीच मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब्बास अंसारी की विधायक सदस्यता समाप्त कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनकी सीट को रिक्त घोषित किया, और इसके लिए रविवार के अवकाश के दिन भी सचिवालय खोला गया। चुनाव आयोग को इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है, और अब मऊ सीट पर उपचुनाव की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार बैठी है। हालांकि उन्होंने यह आशंका भी जताई कि भाजपा इन चुनावों में धांधली कर सकती है, इसलिए जनता और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है।
